दीवार पत्रिका से
पिछले दिनों आपने राजकीय प्राथमिक विद्यालय गण्ेाशपुर जिला-उत्तरकाशी की शिक्षिका युवा कवयित्री रेखा चमोली का दीवार पत्रिका से जुड़ा अनुभव पढ़ा । लीजिए आज प्रस्तुत हैं उसी विद्यालय के बच्चों की दीवार पत्रिका में प्रकाशित कुछ रचनाएं -
शब्द पर कविता या कहानी लिखना-
अ र र र र र र र
योगेश( कक्षा 5)
अ र र र र र र र क्या हुआ ?
वो देखो एक सेब गिरा
देखो-देखो सेब गिरा
जाकर उसे यहाॅ ले आओ
जल्दी-जल्दी भागो जाओ
चुन्नु बोला मैं जाऊॅगा
मुन्नु बोला मैं जाऊॅगा
दोंनांे करने लगे लडाई
लडने की नहीं होती बडाई
सेेब एक है दो जाएॅगे
ये तो अपने आप खाएॅगे
मुझको तो घर जाना है
मैंने खाना बनाना है
अ र र र र र पानी हो गया खत्म
मुझे जाना पडेगा हैण्डपम्प
सामने आया एक कुत्ता
उसके मुॅह में था जुत्ता
पानी लेकर घर है जाना
चुन्नु-मुन्नु सेब तुम ही खाना।
गाने वाला पेड
सिमरन ( कक्षा 4 )
एक अखरोट का पेड था।वह पेड जादू का पेड था। वह रोज गाना गाता था, अ र र र र र र र र। सब उसका गाना मजे से सुनते थे। एक दिन वहाॅ एक बुरा आदमी आया।वह पेड से बोला, अरे पेड तुम इतना शोर मत मचाओ।तुम्हारे शोर से सारी दुनिया परेशान हो गयी है।अखरोट के पेड को यह बात बुरी लगती है। वह रोज (हमेशा ) के लिए चुप हो जाता है।जब लोगों को अखरोट के पेड का गाना नही सुनायी देता तो वे उसके पास जाते हैं और उसे गाना सुनाने के लिए कहते हैं।पर वह पेड चुप ही रहता है।जब हवा चलती है तब उसकी पत्तियां गाना गाती हैं ,अ र र र र र र र। लेकिन बहुत ही धीरे -धीरे। जिसेको भी अखरोट की पत्तियों का गाना सुनना होता है।वह उस पेड़ के नीचे चला जाता है।क्या आपने किसी पेड़ का गाना सुना है ?
चूहा भागा
योगेश बधाणी
कक्षा 5
चूहा भागा चूहा भागा
देखो उसने मेरा ले गया है धागा
देखो देखो भाग रहा है
जाकर उसे पकडकर लाओ
जैसे ही वह पकडा जाए
उससे मेरा धागा छीना जाए
अगर वह खाए मार दिया जाए
मेरा धागा उसने खोया है
मेज के नीचे सोया है
जाकर उसे पकडकर लाओ
चूहा भागा चूहा भागा
वह भाग ना पाए।
चूहा भागा
नीरज
कक्षा 5
चूहा भागा बिल से
बडी मुश्किल से
चूहे के दादा वहीं फॅस गये
चूहा भागा बिल से
बडी मुश्किल से
चूहे की दादी वहीं फॅस गयी
चूहा भागा बिल से
बडी मुश्किल से
चूहे का बडा लडका वहीं फॅस गया
चूहा भागा बिल से
बडी मुश्किल से
चूहे की पत्नी वहीं फॅस गयी
चूहा भागा बिल से
बडी मुश्किल से
चूहे की बहन वहीं फॅस गयी
चूहे को आया गुस्सा
उसने मारा डण्डा
तोडा उसने बिल को
वह सब निकले बाहर
खुश हुए बाहर आकर
चूहा भागा बिल से
बडी मुश्किल से।
एक और कहानी
सीमा का कुत्ता
सुबोध कक्षा 4
एक लडकी थी । उसका नाम सीमा था।वह रोज स्कूल जाती थी । उसका स्कूल बहुत दूर था।एक दिन जब वह स्कूल जा रही थी उसको एक कुत्ता मिला । कुत्ते को भूख लगी थी । वह सीमा के पीछे पीछे कूूॅ कॅू करके चलने लगा । फिर वह सीमा की स्र्कट पकडकर खीचने लगा पहले तो सीमा डर गयी फिर उसे देखकर उसे दया आ गयी। वह कुत्ता भूख से बहुत कमजोर हो गया था।उसने अपने पास से उसे बिस्किट खाने कोे दिया।फिर वह स्कूल चली गयी ।जब सीमा की छुट्टी हुयी तो उसने देखा वह कुत्ता गेट पर खडा है । वह सीमा केे पीछे पीछे चलने लगा । सीमा उसे अपने घर ले गयी ।उसने अपनी माॅ को सारी बात बतायी । तबसे वह कुत्ता उसके साथ ही रहने लगा।
पिछले दिनों आपने राजकीय प्राथमिक विद्यालय गण्ेाशपुर जिला-उत्तरकाशी की शिक्षिका युवा कवयित्री रेखा चमोली का दीवार पत्रिका से जुड़ा अनुभव पढ़ा । लीजिए आज प्रस्तुत हैं उसी विद्यालय के बच्चों की दीवार पत्रिका में प्रकाशित कुछ रचनाएं -
शब्द पर कविता या कहानी लिखना-
अ र र र र र र र
योगेश( कक्षा 5)
अ र र र र र र र क्या हुआ ?
वो देखो एक सेब गिरा
देखो-देखो सेब गिरा
जाकर उसे यहाॅ ले आओ
जल्दी-जल्दी भागो जाओ
चुन्नु बोला मैं जाऊॅगा
मुन्नु बोला मैं जाऊॅगा
दोंनांे करने लगे लडाई
लडने की नहीं होती बडाई
सेेब एक है दो जाएॅगे
ये तो अपने आप खाएॅगे
मुझको तो घर जाना है
मैंने खाना बनाना है
अ र र र र र पानी हो गया खत्म
मुझे जाना पडेगा हैण्डपम्प
सामने आया एक कुत्ता
उसके मुॅह में था जुत्ता
पानी लेकर घर है जाना
चुन्नु-मुन्नु सेब तुम ही खाना।
गाने वाला पेड
सिमरन ( कक्षा 4 )
एक अखरोट का पेड था।वह पेड जादू का पेड था। वह रोज गाना गाता था, अ र र र र र र र र। सब उसका गाना मजे से सुनते थे। एक दिन वहाॅ एक बुरा आदमी आया।वह पेड से बोला, अरे पेड तुम इतना शोर मत मचाओ।तुम्हारे शोर से सारी दुनिया परेशान हो गयी है।अखरोट के पेड को यह बात बुरी लगती है। वह रोज (हमेशा ) के लिए चुप हो जाता है।जब लोगों को अखरोट के पेड का गाना नही सुनायी देता तो वे उसके पास जाते हैं और उसे गाना सुनाने के लिए कहते हैं।पर वह पेड चुप ही रहता है।जब हवा चलती है तब उसकी पत्तियां गाना गाती हैं ,अ र र र र र र र। लेकिन बहुत ही धीरे -धीरे। जिसेको भी अखरोट की पत्तियों का गाना सुनना होता है।वह उस पेड़ के नीचे चला जाता है।क्या आपने किसी पेड़ का गाना सुना है ?
चूहा भागा
योगेश बधाणी
कक्षा 5
चूहा भागा चूहा भागा
देखो उसने मेरा ले गया है धागा
देखो देखो भाग रहा है
जाकर उसे पकडकर लाओ
जैसे ही वह पकडा जाए
उससे मेरा धागा छीना जाए
अगर वह खाए मार दिया जाए
मेरा धागा उसने खोया है
मेज के नीचे सोया है
जाकर उसे पकडकर लाओ
चूहा भागा चूहा भागा
वह भाग ना पाए।
चूहा भागा
नीरज
कक्षा 5
चूहा भागा बिल से
बडी मुश्किल से
चूहे के दादा वहीं फॅस गये
चूहा भागा बिल से
बडी मुश्किल से
चूहे की दादी वहीं फॅस गयी
चूहा भागा बिल से
बडी मुश्किल से
चूहे का बडा लडका वहीं फॅस गया
चूहा भागा बिल से
बडी मुश्किल से
चूहे की पत्नी वहीं फॅस गयी
चूहा भागा बिल से
बडी मुश्किल से
चूहे की बहन वहीं फॅस गयी
चूहे को आया गुस्सा
उसने मारा डण्डा
तोडा उसने बिल को
वह सब निकले बाहर
खुश हुए बाहर आकर
चूहा भागा बिल से
बडी मुश्किल से।
एक और कहानी
सीमा का कुत्ता
सुबोध कक्षा 4
एक लडकी थी । उसका नाम सीमा था।वह रोज स्कूल जाती थी । उसका स्कूल बहुत दूर था।एक दिन जब वह स्कूल जा रही थी उसको एक कुत्ता मिला । कुत्ते को भूख लगी थी । वह सीमा के पीछे पीछे कूूॅ कॅू करके चलने लगा । फिर वह सीमा की स्र्कट पकडकर खीचने लगा पहले तो सीमा डर गयी फिर उसे देखकर उसे दया आ गयी। वह कुत्ता भूख से बहुत कमजोर हो गया था।उसने अपने पास से उसे बिस्किट खाने कोे दिया।फिर वह स्कूल चली गयी ।जब सीमा की छुट्टी हुयी तो उसने देखा वह कुत्ता गेट पर खडा है । वह सीमा केे पीछे पीछे चलने लगा । सीमा उसे अपने घर ले गयी ।उसने अपनी माॅ को सारी बात बतायी । तबसे वह कुत्ता उसके साथ ही रहने लगा।
बच्चों की रचनाएं पढ कर खुशी हुई
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